ब्रिटिश शोधकर्ताओं का दावा: एंटी-कोविड स्प्रे 48 घंटे तक कोरोना से, नोड में, छिड़कने वाला यह स्प्रे जल्द ही बाजार में पहुंच जाएगा

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ब्रिटिश शोधकर्ताओं का दावा: एंटी-कोविड स्प्रे 48 घंटे तक कोरोना से, नोड में, छिड़कने वाला यह स्प्रे जल्द ही बाजार में पहुंच जाएगा


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  • एंटी कोरोनोवायरस नाक स्प्रे; एंटी कोविड स्प्रे कैसे काम करेगा? जानिए इसके बारे में सबकुछ

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19 मिनट पहले

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  • ब्रिटेन की बर्मिहम यूनिवर्सिटी का दावा, कहा, यह स्प्रे नोड में एक लेयर बनाएगा
  • कोरोना नाक में पहुंचने पर यह लेयर उसे कवर करेगा और बाहर निकाल दिया जाएगा

ब्रिटेन में जल्द ही एंटी-कोविड नेजल स्प्रे बाजार में उपलब्ध कराया जा सकता है। इस स्प्रे की मदद से नाक तक दवा पहुंचाई जाएगी जो 48 घंटे तक इंसान को कोरोना से बचानेएगी। स्प्रे में ऐसा रसायनल का प्रयोग किया गया है जो कोरोना को इंसानी कोशिकाओं से जुड़ने की क्षमता को कमजोर करता है।

इस प्रोजेक्ट पर काम करने वाली ब्रिटेन की बर्मिहम यूनिवर्सिटी का कहना है, स्प्रे का इस्तेमाल हाई रिस्क जोन में मौजूद लोगों पर किया जा सकता है, जैसे हेल्थकेयर वर्कर, फ्लाइट्स या क्लासरूम।

कैसे काम करेगा एंटी-स्पविड स्प्रे

  • स्प्रे में नेगीगीनेन और गैलेन जैसे सब्जियोंनाें का प्रयोग किया गया है जो स्प्रे को गाढ़ा बनाते हैं। दावा है कि ये रसायनल इंसानों के लिए सुरक्षित हैं और इनका प्रयोग करने के लिए अप्रूवल मिल चुके हैं।
  • इस शोध से जुड़े डॉ। रिसचर्ड मोक्स कहते हैं, स्प्रे में ऐसे रसायन हैं जिनका इस्तेमाल आमतौर पर भोजन और मेडिसिन में किया जाता है। गैलेन रसायन नोड के अंदर पहुंचते ही एक लेयर बना देता है।
  • लेयर बनने के बाद अगर कोरोनावायरस नाक में पहुंचता है तो यह लेयर वायरस पर चढ़ जाता है और छींक या किसी झटके से नाक के बाहर फें दिया जाता है। या फिर इंसानियत जाती है लेकिन शरीर को कोई नुकसान नहीं होता है।

स्प्रे के बाद भी कोविड गाइडलाइन का पालन करना होगा
डॉ। रिचर्ड का कहना है, स्प्रे करने के बाद भी इंसान को सोशल डिस्टेंसिंग, एफएक्यू और ब्रांड वाश करने की कोविड गाइडलाइन का पालन करना होगा। डॉ। सिमोन क्लार्क के बारे में कहता है, कोरोना के लक्षण तब दिखते हैं जब यह फेफड़े तक पहुंच जाता है लेकिन नए स्प्रे इसे वहां तक ​​पहुंचाना नहीं चाहिए।

यह स्प्रे संक्रमण को रोकने का काम करेगा लेकिन कोविड गाइडलाइन का पालन करना इसलिए बहुत जरूरी है क्योंकि कोरोना मुंह या आंखों से भी शरीर में प्रवेश कर सकता है।

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