नॉर्मल ऑफर के मुकाबले सीजेरियन से जन्मे बच्चों में रोग से लड़ने की क्षमता कमजोर है क्योंकि उन्हें मां की आंत के अच्छे रसायनों नहीं मिलते हैं।

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नॉर्मल ऑफर के मुकाबले सीजेरियन से जन्मे बच्चों में रोग से लड़ने की क्षमता कमजोर है क्योंकि उन्हें मां की आंत के अच्छे रसायनों नहीं मिलते हैं।


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  • सिजेरियन पैदा होने वाले बच्चों में एक कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली होती है क्योंकि वे माँ के आंतों से बैक्टीरिया नहीं पाते हैं।

4 घंटे पहले

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  • ब्रिटेन की बर्मिहम यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने रिसर्च में दावा किया है
  • आंतों के बैक्टीरिया नवजात में न होने पर एलर्जी और डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है

सीजेरियन ऑपरेशन से होने वाले बच्चों की बीमारियों से लड़ने की क्षमता कम होती है क्योंकि उनका इम्यून सिस्टम कमजोर होता है। ये ऐसे बैक्टीरिया नहीं मिल पाते हैं जो उनके लिए फायदेमंद हैं। इसलिए डॉ। सोच रहे हैं कि उनके शरीर में इस आवश्यक बैक्टीरिया की कमी को पूरा किया जाए। यह रिसर्च अटलांटा की हेलसिंकी यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने की है।

इसलिए ये बैक्टीरिया जरूरी हैं
सीजेरियन ऑपरेशन से जन्म लेने वाले बच्चों की एक कमी को दूर करने की कोशिश हो रही है। नवजात शिशु को कई तरह के द्रव और मल का अंश भी अपनी माँ से मिलता है। इस बात के सबूत मिल रहे हैं कि विश्लेषकों को बैक्टीरिया से भरपूर मल से फायदा है। वे बच्चे के इम्यून सिस्टम के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

ऐसे बैक्टीरिया के बिना सभी और टाइप -1 डायबिटीज जैसी हैरानियां पैदा हो सकती हैं। आंत के तत्व पेचीदा पोषक तत्वों को खाने-पीने की कुछ चीजों को पचाने में मदद करते हैं। इन सिमुलेशनुल से मोटल जैसे विकार पैदा हो सकते हैं।

नवजात शिशुओं में चाहे बैक्टीरिया पहुंचाने के लिए किए गए प्रयोग
पहले शोधकर्ता माँ से बैक्टीरिया हटाकर को नवजात शिशुओं के चेहरों पर लगाते थे। इससे कोई नतीजा नहीं निकला। हेलसिंकी यूनिवर्सिटी के डॉ। विलेम डी। वोस और डॉ। स्टुर एंडरसन ने शोधकर्ताओं को मां की आंत के बैक्टीरिया को दूध के साथ देने का परीक्षण किया है।

इस उद्देश्य के लिए सीजेरियन से बच्चों को जन्म देने वाली सात माताओं का चयन किया गया। हर शिशु को सीरंज से मां के दूध के साथ मां से तीन सप्ताह पहले एकत्र मल के अंश की डोज दी गई।

किसी भी बच्चे पर नकारात्मक असर नहीं पड़ा है।

तुलना के लिए शोधकर्ताओं ने 47 अन्य वैज्ञानिकों के मल के नमूने एकत्र किए। इनमें से 29 बच्चे सामान्य प्रसव और 18 सीजेरियन ऑपरेशन से हुए थे। डॉ। वोस और डॉ। एंडरसन ने पाया कि सात बच्चों में बैक्टीरिया के अंश उन बच्चों के समान पाए गए जो सामान्य प्रसव से जन्मे थे। अब रिसर्च होगी कि ऐसे बच्चे आगे जाकर प्रतिरोध तंत्र से जुड़ी गड़बड़ी से प्रभावित होते हैं या नहीं।





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